Chapter 8
अध्याय 08: Digital Financial Tools and Applications
डिजिटल वित्तीय उपकरण (OTP, QR Code, UPI, AEPS, USSD, Credit/Debit Cards, eWallet, PoS), इंटरनेट बैंकिंग फंड ट्रांसफर (NEFT, RTGS, IMPS) तथा भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) की परीक्षा-उन्मुख, गहन व व्यावहारिक अध्ययन सामग्री।
Topic 1: Digital Financial Tools
Topic 2: Internet Banking
Topic 3: Online Bill Payment
OTP (One Time Password)
OTP (One Time Password): एक अस्थायी (Temporary) एवं केवल एक बार उपयोग में आने वाला संख्यात्मक या अक्षरांकीय सुरक्षा कोड (Authentication Code) है, जिसे किसी उपयोगकर्ता की पहचान सत्यापित करने अथवा वित्तीय लेन-देन को अधिकृत करने हेतु सीमित समय (प्रायः 3 से 10 मिनट) के लिए जनरेट किया जाता है।
पारंपरिक स्थायी पासवर्ड (Static Password) के चोरी हो जाने पर अनाधिकृत पहुंच का खतरा बना रहता है। OTP प्रमाणीकरण की दूसरी सुरक्षा परत (Second Factor of Authentication - 2FA) के रूप में कार्य करता है। एक बार उपयोग हो जाने अथवा वैधता समाप्त (Expiry) हो जाने के बाद पुराना OTP स्वतः अमान्य हो जाता है।
• TOTP (Time-based One-Time Password): यह समय-आधारित कलन-विधि (Algorithm) पर कार्य करता है और प्रायः 30 से 60 सेकंड में बदल जाता है (उदा. Google Authenticator)।
• HOTP (HMAC-based One-Time Password): यह काउंटर-आधारित (Counter-based) होता है और प्रत्येक नए अनुरोध पर इंक्रीमेंट होता है।
• SMS / E-mail OTP: बैंक सर्वर द्वारा पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा ई-मेल पर भेजा जाने वाला मानक कोड।
| मापदंड | OTP (One Time Password) | स्थायी Password | UPI PIN |
|---|---|---|---|
| प्रकृति | अस्थायी (Temporary, 1-Time Use) | दीर्घकालिक / स्थायी (Static) | स्थायी गोपनीय संख्या (4 या 6 अंक) |
| कौन बनाता है? | बैंक/प्रणाली द्वारा स्वचालित जनरेट | उपयोगकर्ता द्वारा सेट किया जाता है | उपयोगकर्ता द्वारा डेबिट कार्ड से सेट |
| वैधता अवधि | सीमित (1 से 10 मिनट) | जब तक बदला न जाए | जब तक बदला या रीसेट न किया जाए |
| साझाकरण (Sharing) | कभी किसी से साझा न करें | पूर्णतः गोपनीय | पूर्णतः गोपनीय (भुगतान हेतु) |
• Full Form: OTP = One Time Password, 2FA = Two-Factor Authentication, MFA = Multi-Factor Authentication।
• सुरक्षा नियम: बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर या लॉटरी के नाम पर आने वाले फोन कॉल पर कभी भी OTP नहीं बताना चाहिए।
• OTP का प्राथमिक उद्देश्य Authentication (उपयोगकर्ता की पहचान सत्यापन) है।
QR (Quick Response) Code
QR Code (Quick Response Code): एक द्वि-आयामी (2D - Two Dimensional) बारकोड है, जिसमें क्षैतिज (Horizontal) और लंबवत (Vertical) दोनों दिशाओं में डेटा संगृहीत रहता है। पारंपरिक 1D बारकोड (जिसमें केवल ऊर्ध्वाधर काली पट्टियां होती हैं) की तुलना में QR कोड सैकड़ों गुना अधिक डेटा (7000+ संख्याएं अथवा 4000+ अक्षर) बहुत छोटे वर्ग में संजो सकता है।
• इतिहास एवं जनक: QR कोड का आविष्कार वर्ष 1994 में जापानी कंपनी DENSO WAVE (टोयोटा समूह की सहायक कंपनी) द्वारा ऑटोमोबाइल विनिर्माण में पार्ट्स की तेज ट्रैकिंग हेतु किया गया था।
• नामकरण: इसका नाम 'Quick Response' इसलिए रखा गया क्योंकि इसे किसी भी स्मार्टफोन कैमरे या स्कैनर द्वारा मिलीसेकंड्स में 360-डिग्री किसी भी कोण से डिकोड किया जा सकता है।
| मापदंड | Static QR Code | Dynamic QR Code |
|---|---|---|
| डेटा संपादन | स्थिर; जनरेट होने के बाद डेटा नहीं बदला जा सकता। | परिवर्तनीय; बैकएंड से गंतव्य URL/डेटा बदला जा सकता है। |
| मुद्रण (Reprinting) | डेटा बदलने पर नया QR प्रिंट करना अनिवार्य होता है। | बिना नया QR प्रिंट किए सामग्री अपडेट हो जाती है। |
| उपयोग | दुकानों पर स्थाई मर्चेंट UPI ID, वाई-फाई पासवर्ड। | विपणन अभियान, टिकटिंग, ई-कॉमर्स इनवॉइस। |
• 2D Barcode: QR Code अनिवार्य रूप से Two-Dimensional (2D) Barcode है। परीक्षा में इसे 3D बारकोड कहना False (गलत) है।
• आविष्कारक व वर्ष: DENSO WAVE (Japan), 1994।
• Error Correction: क्यूआर कोड का 30% तक हिस्सा कट-फट जाने पर भी Reed-Solomon एरर करेक्शन द्वारा डेटा सही पढ़ा जा सकता है।
UPI (Unified Payments Interface)
UPI (Unified Payments Interface): भारत में डिजिटल भुगतानों की रीढ़ कही जाने वाली एक रियल-टाइम इंटरबैंक भुगतान प्रणाली है, जिसे National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा विकसित किया गया है। यह रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित है और IMPS (Immediate Payment Service) इंफ्रास्ट्रक्चर पर कार्य करती है।
• पायलट लॉन्च: 11 अप्रैल 2016 को मुंबई में तत्कालीन आरबीआई गवर्नर डॉ. रघुराम जी. राजन द्वारा 21 सदस्य बैंकों के साथ शुरू किया गया।
• उपयोगिता: एक ही मोबाइल ऍप्लिकेशन (जैसे BHIM, PhonePe, Google Pay, Paytm) में विभिन्न बैंकों के कई खातों को लिंक करके 24×7×365 तत्काल धन प्रेषण और मर्चेंट भुगतान संभव होता है।
• Virtual Payment Address (VPA / UPI ID): वित्तीय पते का वित्तीय छद्मनाम (Financial Alias) है (उदा. username@okhdfcbank या mobile@upi)। इसके कारण उपयोगकर्ता को किसी को अपना बैंक खाता नंबर या IFSC बताने की आवश्यकता नहीं होती।
• UPI PIN: प्रत्येक बैंक खाते के लिए डेबिट कार्ड द्वारा सेट किया गया 4 या 6 अंकों का गोपनीय पासकोड होता है, जो हर भुगतान को अधिकृत करने हेतु आवश्यक है।
"पैसे प्राप्त करने (Receive Money) के लिए कभी भी UPI PIN दर्ज नहीं करना पड़ता!"
यदि कोई व्यक्ति पैसे भेजने का झांसा देकर आपसे UPI PIN दर्ज करने या QR स्कैन करने को कहे, तो वह 100% धोखाधड़ी (Cyber Fraud) है। UPI PIN केवल और केवल आपके खाते से पैसे कटने (Send Money) के समय ही दर्ज किया जाता है।
• Full Form: UPI = Unified Payments Interface (NPCI का आधिकारिक विस्तार), NPCI = National Payments Corporation of India, VPA = Virtual Payment Address।
• UPI Lite: ₹1,000 तक के छोटे भुगतानों को बिना UPI PIN दर्ज किए तीव्र गति से ऑन-डिवाइस वॉलेट द्वारा निपटाने की सुविधा।
• BHIM: Bharat Interface for Money (NPCI द्वारा जारी आधिकारिक UPI ऍप्लिकेशन)।
AEPS (Aadhaar Enabled Payment System)
AEPS (Aadhaar Enabled Payment System): NPCI द्वारा विकसित एक बैंक-आधारित मॉडल (Bank-led Model) है, जिसके अंतर्गत कोई भी नागरिक आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) का उपयोग करके माइक्रो-एटीएम (Micro-ATM) अथवा बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC / बैंक मित्र) के पास जाकर बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्राप्त कर सकता है।
यह प्रणाली भारत के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की सबसे शक्तिशाली कड़ी है। इसमें किसी भौतिक प्लास्टिक डेबिट कार्ड अथवा हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होती; केवल बैंक का नाम, आधार से लिंक खाता तथा अंगूठे का निशान (Fingerprint) ही काफी होता है।
| सेवा का नाम | प्रकृति | उपयोगिता |
|---|---|---|
| Cash Withdrawal | वित्तीय (Financial) | खाते से नकद राशि निकालना (दैनिक सीमा बैंक अनुसार)। |
| Cash Deposit | वित्तीय (Financial) | अधिकृत बीसी केंद्र पर नकदी जमा करना। |
| Balance Enquiry | गैर-वित्तीय (Non-Financial) | खाते में वर्तमान जमा शेष राशि की जांच करना। |
| Mini Statement | गैर-वित्तीय (Non-Financial) | अंतिम 5 से 10 लेन-देनों का संक्षिप्त विवरण पर्ची पर प्राप्त करना। |
| Aadhaar to Aadhaar Transfer | वित्तीय (Financial) | दो आधार-लिंक्ड बैंक खातों के मध्य धनराशि स्थानांतरित करना। |
| BHIM Aadhaar Pay | मर्चेंट भुगतान | दुकानदार द्वारा ग्राहक के बायोमेट्रिक से भुगतान स्वीकारना। |
• Full Form: AEPS = Aadhaar Enabled Payment System, BC = Business Correspondent (बैंक मित्र)।
• लेन-देन हेतु अनिवार्य इनपुट: 1. बैंक का नाम, 2. आधार कार्ड संख्या, 3. बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आइरिस) तथा 4. वांछित राशि।
• सरकारी योजनाओं (जैसे मनरेगा मजदूरी, वृद्धावस्था पेंशन, किसान सम्मान निधि) का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) निकालने में AEPS सर्वाधिक प्रयुक्त साधन है।
USSD (Unstructured Supplementary Service Data — *99#)
USSD (Unstructured Supplementary Service Data): एक जीएसएम (GSM) सेल्युलर संचार तकनीक है जो मोबाइल फोन और टेलीकॉम सेवा प्रदाता के कंप्यूटरों के मध्य एक सीधा, संवादात्मक रीयल-टाइम टेक्स्ट सेशन (Interactive Session) स्थापित करती है।
भारत में NPCI द्वारा *99# कोड पर आधारित नेशनल यूनिफाइड यूएसएसडी प्लेटफॉर्म (NUUP) संचालित किया जाता है। इसकी सबसे क्रांतिकारी विशेषता यह है कि इसके संचालन हेतु किसी स्मार्टफोन, मोबाइल ऍप्लिकेशन या इंटरनेट (Mobile Data) की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती। साधारण की-पैड (Feature Phone) से भी केवल *99# डायल करके बैंकिंग की जा सकती है।
| मापदंड | USSD (*99#) | Mobile Banking App | SMS Banking |
|---|---|---|---|
| इंटरनेट की आवश्यकता | बिल्कुल नहीं (No Internet) | अनिवार्य (4G/5G/Wi-Fi) | नहीं |
| डिवाइस की अनुकूलता | साधारण कीपैड (Feature) व स्मार्ट दोनों | केवल स्मार्टफ़ोन (Android/iOS) | सभी फोन |
| इंटरफेस का प्रकार | स्क्रीन पर पॉप-अप मेनू (Interactive) | समृद्ध ग्राफिकल इंटरफेस (GUI) | स्टोर-एंड-फॉरवर्ड टेक्स्ट संदेश |
| प्रमाणीकरण साधन | MPIN अथवा UPI PIN | बायोमेट्रिक, फिंगरप्रिंट, पासवर्ड | कीवर्ड्स व सुरक्षा कोड |
• Full Form: USSD = Unstructured Supplementary Service Data, NUUP = National Unified USSD Platform।
• बैंकिंग कोड: भारत में USSD बैंकिंग हेतु डायल किया जाने वाला राष्ट्रीय कोड *99# है।
• "क्या USSD के लिए इंटरनेट अनिवार्य है?" — उत्तर: False (असत्य)।
Credit Card (क्रेडिट कार्ड)
Credit Card: वित्तीय संस्थाओं और बैंकों द्वारा जारी किया जाने वाला एक प्लास्टिक/मेटल भुगतान कार्ड है, जो धारक को पहले से स्वीकृत ऋण सीमा (Credit Limit) के तहत बिना बैंक खाते में पैसा हुए भी खरीदारी करने की सुविधा प्रदान करता है। इसका मूल सिद्धांत "Buy Now, Pay Later" (अभी खरीदें, भुगतान बाद में करें) है।
• बिलिंग चक्र एवं ग्रेस पीरियड: बैंक सामान्यतः 30 दिनों का बिलिंग चक्र रखता है और बिल बनने के बाद 15 से 25 दिनों का ब्याज-मुक्त समय (Grace Period / Interest-free period) देता है। यदि देय तिथि (Due Date) तक संपूर्ण राशि चुका दी जाए, तो कोई ब्याज नहीं लगता।
• न्यूनतम देय राशि (Minimum Amount Due): कुल बिल का प्रायः 5% हिस्सा, जिसे लेट फीस से बचने हेतु चुकाना अनिवार्य होता है, किंतु शेष बकाया पर भारी ब्याज (30% से 42% वार्षिक) लगता है।
भारत में क्रेडिट कार्ड की शुरुआत Central Bank of India (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया) ने वर्ष 1980 में अपने "Centralcard" ब्रांड के साथ की थी। यह CCC परीक्षा का बहुचर्चित प्रश्न है।
Debit Card (डेबिट कार्ड, ATM एवं RuPay)
Debit Card: यह बैंक बचत या चालू खाते से सीधे जुड़ा (Linked) इलेक्ट्रॉनिक कार्ड होता है। जब भी कोई व्यक्ति डेबिट कार्ड से खरीदारी करता है या एटीएम से नकदी निकालता है, तो राशि तत्काल उसी क्षण ग्राहक के अपने बैंक खाते में उपलब्ध जमा शेष से काट (Debit) ली जाती है।
| तुलना का आधार | Debit Card (डेबिट कार्ड) | Credit Card (क्रेडिट कार्ड) |
|---|---|---|
| धनराशि का स्रोत | ग्राहक का अपना बैंक खाता (Saved Funds) | बैंक द्वारा दी गई ऋण सुविधा (Loan/Credit Line) |
| खर्च की सीमा | खाते में मौजूद उपलब्ध बैलेंस तक सीमित | बैंक द्वारा स्वीकृत क्रेडिट लिमिट (Credit Limit) |
| बिल भुगतान | कोई बिल नहीं आता; पैसा तुरंत कट जाता है | मासिक बिल आता है; देय तिथि तक भरना होता है |
| ब्याज का नियम | कोई ब्याज नहीं लगता | नियत तिथि तक न चुकाने पर अत्यधिक ब्याज |
| एटीएम से नकदी | सामान्य एवं अनुमत निकासी | कैश एडवांस शुल्क व पहले दिन से ब्याज |
• PIN (Personal Identification Number): एटीएम तथा पीओएस पर लेन-देन अधिकृत करने हेतु 4 अंकों का गोपनीय कोड।
• CVV (Card Verification Value): कार्ड के पीछे सिग्नेचर स्ट्रिप पर दर्ज 3 अंकों का सुरक्षा कोड, जो ऑनलाइन ई-कॉमर्स लेन-देन में कार्ड की भौतिक उपस्थिति प्रमाणित करता है।
• RuPay Card: भारत का स्वदेशी भुगतान कार्ड नेटवर्क जिसे मार्च 2012 में NPCI द्वारा विकसित किया गया। इसके तीन प्रमुख वेरिएंट हैं: Classic, Platinum एवं Select।
• ATM Full Form: Automated Teller Machine, CVV = Card Verification Value, PIN = Personal Identification Number।
• कॉन्टैक्टलेस कार्ड (Contactless Card): NFC (Near Field Communication) तकनीक पर आधारित होते हैं, जिन्हें पीओएस मशीन पर केवल टैप (Tap & Pay) करके बिना पिन के एक निर्धारित सीमा तक भुगतान किया जा सकता है।
eWallet (Electronic Wallet / Prepaid Instruments)
eWallet (इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट): जिसे डिजिटल वॉलेट या मोबाइल वॉलेट भी कहा जाता है, एक आभासी थैला (Virtual Account) है जिसमें उपयोगकर्ता अपने बैंक खाते, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से पहले से पैसे लोड (Pre-load) करके रखता है और आवश्यकतानुसार ऑनलाइन रिचार्ज, बिल भुगतान व मर्चेंट खरीदारी करता है।
आरबीआई (RBI) के नियमों के अनुसार ई-वॉलेट Prepaid Payment Instruments (PPI) के अंतर्गत आते हैं।
| वॉलेट का प्रकार | स्वीकार्यता का दायरा | नकदी निकासी | व्यावहारिक उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1. Closed Wallet | केवल उसी कंपनी के उत्पादों/सेवाओं हेतु जिसने वॉलेट जारी किया | अनुमति नहीं | Amazon Pay Balance, MakeMyTrip Wallet |
| 2. Semi-Closed Wallet | जारीकर्ता कंपनी तथा अनुबंध करने वाले विशिष्ट मर्चेंट्स पर | अनुमति नहीं | Paytm Wallet, Mobikwik Wallet, PhonePe Wallet |
| 3. Open Wallet | सभी मर्चेंट्स पर, पीओएस पर तथा एटीएम से भी नकद निकासी हेतु | अनुमत (Permitted) | बैंकों द्वारा जारी प्रीपेड कार्ड (उदा. HDFC Bank PayZapp Card) |
PoS (Point of Sale एवं mPoS)
PoS (Point of Sale): वह भौतिक स्थान, चेकआउट काउंटर या इलेक्ट्रॉनिक टर्मिनल है जहां किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर ग्राहक द्वारा खरीदे गए सामान का अंतिम बिलिंग व कार्ड/डिजिटल भुगतान संपन्न होता है।
• PoS Terminal: यह एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक हैंडहेल्ड उपकरण होता है, जिसमें कार्ड रीडर (चिप व मैग्नेटिक स्ट्राइप हेतु), पिन पैड, डिस्प्ले स्क्रीन तथा प्रिंटर एकीकृत रहता है। यह लेन-देन के बाद चार्ज स्लिप (Transaction Receipt) प्रिंट करता है।
• mPoS (Mobile Point of Sale): एक छोटा कार्ड रीडर अटैचमेंट जो ब्लूटूथ के माध्यम से व्यापारी के स्मार्टफोन से जुड़ जाता है और स्मार्टफोन के इंटरनेट व ऐप के जरिए कार्ड स्वीकार करता है। यह छोटे व्यापारियों व डिलीवरी कर्मियों हेतु अत्यंत सस्ता व पोर्टेबल साधन है।
• Full Form: PoS = Point of Sale (Point of Service या Payment on Sale कहना गलत है), mPoS = Mobile Point of Sale।
• PoS मशीन पर कार्ड स्वाइप (Swipe), चिप इंसर्ट (Dip) अथवा कॉन्टैक्टलेस टैप (Tap) करके भुगतान किया जाता है।
National Electronic Fund Transfer (NEFT)
NEFT (National Electronic Funds Transfer): भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित एक राष्ट्रव्यापी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर प्रणाली है, जिसके माध्यम से देश के किसी भी बैंक शाखा के खाते से किसी अन्य बैंक शाखा के खाते में सुरक्षित रूप से धनराशि भेजी जाती है।
• बैच प्रोसेसिंग (Batch Settlement): NEFT में लेन-देन तात्कालिक रूप से एक-एक करके प्रोसेस नहीं होते, बल्कि प्रत्येक आधे घंटे के बैच (Half-Hourly Batches) में डिफर्ड नेट सेटलमेंट (DNS) आधार पर निपटाए जाते हैं।
• 24×7×365 उपलब्धता: दिसंबर 2019 से NEFT वर्ष के सभी 365 दिन चौबीसों घंटे चालू रहता है। अतः एक दिन में कुल 48 आधे-घंटे के बैच (48 Batches per day) संचालित होते हैं।
• सीमाएं: आरबीआई द्वारा NEFT के लिए कोई न्यूनतम (Minimum) अथवा सामान्य अधिकतम (Maximum) सीमा निर्धारित नहीं है (₹1 से करोड़ों रुपये तक भेजे जा सकते हैं)।
Real Time Gross Settlement (RTGS)
RTGS (Real Time Gross Settlement): बड़े मूल्यों के लेन-देनों (Large-Value Transactions) हेतु विशेष रूप से डिज़ाइन की गई प्रणाली है, जिसका स्वामित्व एवं संचालन सीधे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है।
• Real Time का अर्थ: लेन-देन बिना किसी प्रतीक्षा या बैच के तुरंत और लगातार प्रोसेस होता है।
• Gross Settlement का अर्थ: प्रत्येक लेन-देन का निपटान व्यक्तिगत आधार पर एक-एक करके (Order-by-Order) होता है, बिना किसी अन्य लेन-देन के साथ नेटिंग किए।
• न्यूनतम सीमा (Minimum Limit): RTGS के माध्यम से भेजने हेतु न्यूनतम सीमा ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) अनिवार्य है। कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
• 24×7 उपलब्धता: दिसंबर 2020 से RTGS भी पूरे वर्ष 24×7 उपलब्ध है। आरबीआई की बुक्स में सेटलमेंट होने के कारण यह अंतिम और अपरिवर्तनीय (Final & Irrevocable) होता है।
• UTR (Unique Transaction Reference): RTGS लेन-देन को ट्रैक करने हेतु 22 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक यूटीआर नंबर जारी होता है।
Immediate Payment Service (IMPS)
IMPS (Immediate Payment Service): राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा नवंबर 2010 में शुरू की गई एक चौबीसों घंटे (24×7×365) उपलब्ध अंतर-बैंक तात्कालिक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सेवा है।
• तात्कालिक प्रेषण (Instant Credit): पैसा भेजने के कुछ ही सेकंडों के भीतर लाभार्थी के खाते में जमा हो जाता है।
• प्रेषण के दो प्रमुख तरीके:
1. Account Number + IFSC: लाभार्थी का बैंक खाता संख्या और बैंक शाखा का IFSC कोड।
2. Mobile Number + MMID: MMID (Mobile Money Identifier) 7 अंकों की एक विशिष्ट संख्या होती है जो बैंक द्वारा मोबाइल बैंकिंग से जुड़े खाते को जारी की जाती है।
• लेन-देन सीमा: IMPS में कोई न्यूनतम सीमा नहीं है (₹1 भी भेजा जा सकता है), जबकि वर्तमान सामान्य अधिकतम सीमा ₹5,00,000 (5 लाख रुपये प्रति लेन-देन) है।
| मापदंड | NEFT | RTGS | IMPS |
|---|---|---|---|
| पूर्ण रूप (Full Form) | National Electronic Funds Transfer | Real Time Gross Settlement | Immediate Payment Service |
| संचालक संस्था | RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) | RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) | NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन) |
| न्यूनतम सीमा (Minimum) | कोई न्यूनतम सीमा नहीं (₹1) | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) | कोई न्यूनतम सीमा नहीं (₹1) |
| अधिकतम सीमा (Maximum) | आरबीआई द्वारा कोई सीमा नहीं | आरबीआई द्वारा कोई सीमा नहीं | ₹5,00,000 प्रति लेन-देन |
| निपटान विधि | आधे घंटे के बैच (Deferred Net) | रीयल-टाइम ग्रॉस (एक-एक करके) | तात्कालिक रीयल-टाइम |
| उपलब्धता | 24×7×365 (48 बैच प्रतिदिन) | 24×7×365 निरंतर | 24×7×365 निरंतर |
| ऑनलाइन शुल्क (Savings) | निःशुल्क (Zero Charges by RBI) | निःशुल्क (Zero Charges by RBI) | बैंकों के विवेकानुसार मामूली शुल्क |
Online Bill Payment Methods and Process (BBPS)
Online Bill Payment: इंटरनेट, मोबाइल ऍप्लिकेशन, नेट बैंकिंग अथवा यूपीआई के माध्यम से विभिन्न उपयोगिता प्रदाताओं (Utility Billers) जैसे बिजली बोर्ड, जल निगम, पाइप्ड गैस, डीटीएच, मोबाइल पोस्टपेड, ब्रॉडबैंड, फास्टैग व ऋण ईएमआई के देय बिलों का बिना लाइन में लगे घर बैठे डिजिटल भुगतान करने की प्रक्रिया है।
• BBPS (Bharat Bill Payment System): भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के तहत NPCI द्वारा संचालित एक एकीकृत, केंद्रीकृत एवं अंतर-संचालनीय (Interoperable) बिल भुगतान मंच है। इसका लोगो 'भारत बिलपे' (Bharat BillPay) होता है। यह पूरे देश के बिलर्स को एक ही छत्र के नीचे जोड़ता है।
- बैंकिंग ऐप, भुगतान पोर्टल अथवा BBPS सक्षम ऐप (जैसे BHIM, PhonePe, Net Banking) खोलें।
- Bill Payment विकल्प चुनकर श्रेणी का चयन करें (जैसे Electricity, Water, DTH, LPG)।
- अपने राज्य एवं सेवा प्रदाता Biller (जैसे UPPCL, BSES, Torrent Power) का चयन करें।
- उपभोक्ता पहचान संख्या (Consumer Number / Account ID / K-Number) दर्ज करें।
- Fetch Bill पर क्लिक करें; स्क्रीन पर उपभोक्ता का नाम, देय तिथि व कुल देय राशि प्रदर्शित होगी।
- वांछित भुगतान विधि (UPI, Debit Card, Credit Card, Internet Banking) चुनें।
- आवश्यक प्रमाणीकरण (UPI PIN / OTP) दर्ज कर भुगतान संपन्न करें।
- सफल भुगतान की डिजिटल रसीद (Digital Receipt) एवं Biller Transaction ID भविष्य के संदर्भ हेतु सुरक्षित सहेजें।
• Full Form: BBPS = Bharat Bill Payment System, NPCI = National Payments Corporation of India।
• Biller: वह संस्था या निगम जो सेवा प्रदान करता है और बिल जारी करता है।
• AutoPay: नियमित मासिक बिलों (जैसे ब्रॉडबैंड, मोबाइल पोस्टपेड) को नियत तिथि पर खाते से स्वतः कटने हेतु निर्धारित करने की सुविधा।